हमारे विद्यार्थी पाठ तथा पाठ्यक्रम से दूर भी प्रकृति की गोद में अपनी अभिरुचि तथा प्रतिभा के साथ बहुत कुछ सीखते हैं। एक सहृदय मानव बनने की प्रक्रिया में, वे एक नवोन्मेषी विद्यार्थी, सहयोगी मित्र, सहिष्णु नागरिक तथा और भी बहुत कुछ बनते जाते हैं।
सह–पाठ्यक्रम गतिविधियाँ विद्या संस्थान के विद्यार्थियों को उनकी विशिष्ट अभिरुचि, चिन्तनशीलता तथा सृजनात्मकता से साक्षात्कार को महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करती हैं। इन गतिविधियों में सामूहिक रूप से नियमित भाग लेकर उनमें सहिष्णुता की भावना, श्रम की प्रतिष्ठा तथा व्यक्ति की गरिमा का बोध पैदा होता है। साहित्य, कला, विज्ञान, प्रदर्शकला आदि से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से हम विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार तथा निपुणता से पूर्ण बनाते हैं। इन गतिविधियों के आयोजन के लिए विद्या संस्थान ने विद्यार्थियों के आयुवर्ग, अभिरुचि, बौद्धिक परिपक्वता तथा विषय को ध्यान में रखते हुए अलग–अलग समूहों का गठन किया है।